मंगलवार, 27 अक्टूबर 2020

ऑन लाइन शॉपिंग में प्रॉडक्ट रिव्यू एवं रेटिंग का महत्व-


ऑन लाइन शॉपिंग

वर्तमान समय में शायद ही कोइ होगा जो ऑन लाइन प्रॉडक्ट खरीदी नहीं करता होगा । इंटर नेट के इस युग में ढेरो ऑन लाइन शोपिंग वेब साइटे उपलब्ध है । उपभोक्ता को अनगिनत विकल्प उपलब्ध है । इन में से अपनी आवश्यकता के प्रोडक्ट का चयन वाकई कठिन कार्य लगता है ।

ऐसे समय आवश्यकता होती है किसी ऐसे स्त्रोत की , जहाँ प्रोडक्ट के बारे में रिव्यू के माध्यम से सही, प्रामाणिक व सटीक जानकारी उपलब्ध हो एवं ग्राहक को अपना प्रॉडक्ट चुनने में आसानी हो। विभिन्न प्लेट्फॉर्म पर उपलब्ध प्रॉडक्ट रिव्यू एवं रेटिंग एक ग्राहक के लिये बहुत सहयक सिध्ध होती है ।

 इंटरनेट की वायरल प्रकृति लाखों लोगों को प्रभावित करने के लिए सोशल मीडिया और अन्य उपयोगकर्ता-निर्मित सामग्री, जैसे रेटिंग और समीक्षा की अनुमति देती है।

उपभोक्ताओं के लिए रेटिंग और समीक्षा क्यों मायने रखती है?

 उपभोक्ता का विश्वास:   प्रॉडक्ट की रेटिंग और समीक्षाएँ निस्संदेह उपभोक्ताओं को आसानी से सुलभ और सुगम जानकारी प्रदान करते हैं और उन्हें खरीदारी की सूचनाए  और उद्देश्यपूर्ण निर्णय लेने में मदद करते हैं।लगभग 90% उपभोक्ता कहते हैं कि खरीद के फैसले ऑनलाइन समीक्षाओं से प्रभावित होते हैं।


उपभोक्ता का मत व प्रतिक्रिया : रेटिंग और समीक्षाएं उपभोक्ताओं को दुनिया भर के उत्पादों और कंपनियों के बारे में अपनी प्रतिक्रिया साझा करने के लिए एक तात्कालिक और सार्थक मंच देती हैं।  उपभोक्ताओं को भी  सुना जा रहा है । उपभोक्ताओं को अपनी राय देने  का अवसर प्राप्त होता है।

ब्रांड एवं कम्पनी की गुणवत्ता: रेटिंग और समीक्षा ब्रांड को उपभोक्ता डेटा का अमूल्य स्रोत प्रदान करते हैं, जिससे उन्हें उपभोक्ताओं की बेहतर समझ प्राप्त करने में मदद मिलती है और वे जान सकते है कि ग्राहक किसी प्रकार के उत्पाद की तलाश में रहते हैं। वे  ग्राहकों की पसंद और नापसंद को समझने में सक्षम बनाते हैं। इन 'बाहरी लोगों के दृष्टिकोण' का उपयोग भविष्य के विपणन अभियानों को आकार देने के साथ-साथ नई लीड उत्पन्न करने और अंततः बिक्री बढ़ाने के लिए किया जा सकता है।

 

गुरुवार, 22 अक्टूबर 2020

गेमिंग लैपटॉप (Gaming Laptop) का ऑफिस (कार्य) मे उपयोग कितना उचित?

 


आप सभी जानते है कि वर्तमान मे लेपटॉप मार्केट मे दो प्रकार के लेपटॉप मिल रहे है । 

 सामान्य(नॉर्मल)  लेपटॉप और गेमिंग लेपटॉप ।  

 इन दिनो गेमिंग लैपटॉप बहुत ज्यादा चलन मे पाये जा रहे  है । गेमिंग के शौकीन युवाओ के लिये विभिन्न गेमिंग चैनल्स  और प्लेटफॉर्म या आकर्षक गेमिंग वेब साइट पर  गेमिंग के नए नए व लुभावने विकल्प उपलब्ध है । गेमिंग एक करियर के रूप मे भी अपनाया जा रहा है ।   

 आइये सबसे पहले जाने गेमिंग लैपटॉप क्या है? नॉर्मल व गेमिंग लेपटॉप मे क्या अंतर है ?

सामान्य लैपटॉप कई तरह के हो सकते है , जैसे कॉलेज के लिए स्लिम और स्लीक लैपटॉप, रूटीन ऑफिस कार्यों के लिए लैपटॉप, टच लैपटॉप, टैबलेट जैसे लैपटॉप आदि। प्रत्येक का उपयोग अपने उद्देश्य के लिए किया जाता है।  सामान्य लैपटॉप की कीमत 10k से लेकर 80k INR या उससे अधिक कुछ भी हो सकती है,|

 यदि आप केवल वेब सर्फिंग, एमएस ऑफिस, फोटो एडिटिंग ,सोशल मिडिया आदि जैसे कार्य उद्देश्यों के लिए लैपटॉप का उपयोग करना चाहते हैं, तो सामान्य नोटबुक खरीदें क्योंकि इसमे बेहतर बैटरी लाइफ , पोर्टेबल और व्यस्त लोगों के लिए एकदम सही है।

 लेकिन हम गेमिंग के लिए सामान्य लैपटॉप का उपयोग नहीं कर सकते।

एक लैपटॉप जो heavy graphics, high end  गेम को कुशलतापूर्वक संभाल सकता है, को गेमिंग लैप टॉप कहा जाता है ।क्योकि गेमिंग करने से सिस्टम का ताप्मान काफी बध जाता है ,इस लैपटॉप मे दमदार कूलिंग पॉवर होती है ।

एक गेमिंग लैपटॉप सामान्य लैपटॉप से ​​बहुत अलग है।इनकी विशेषताएं निम्नानुसार है -

1.
   ये हाइ स्पीड होते है।

 2. गेमिंग लैपटॉप मे  विशेष रूप से कुशल प्रदर्शन के लिए कूलिंग सिस्टम और उच्च गति वाले प्रोसेसर डिजाइन किया है।

3.
गेमिंग लैपटॉप में हाइ एंड(High end)  ग्राफिक्स होते हैं लेकिन सामान्य लैपटॉप में एकीकृत ग्राफिक्स होते हैं।

4.
इनमे  बैकलिट आरबीजी कीबोर्ड, उच्च गुणवत्ता वाले डिस्प्ले, हैं।

5.
सामान्य लैपटॉप की तुलना में गेमिंग लैपटॉप महंगे होते है ।

6. इनमे ज्यादा बिजली खपत करने वाले प्रोसेसर होते हैं, इसलिए सामान्य नोटबुक की बैटरी लाइफ  की तुलना में कम बैटरी लाइफ  होती है।

Gaming Laptop के negative points (सामान्य लैपटॉप की तुलना मे ) –

 1. ये लैपटॉप महंगे होते है ।

2. इनकी battery life कम होती है ।

3. ये वजन मे भारी होते है ।

 



अब सवाल है कि  क्या ऑफिस कार्य और कोडिंग के उद्द्येश्य से गेमिंग लैपटॉप उपयोग मे लाये जा सकते है ?

इसका उत्तर है हां !!!

एक गेमिंग लैपटॉप को ओफिस कार्य के लिये उपयोग किया जा सकता है । विभिन्न कारणो से गेमिंग लैपटॉप काम के लिए सबसे अच्छे लैपटॉप हो सकते है ।

 यहाँ गेमिंग लैपटॉप के कुछ फायदे दिए गए हैं:


1. गति
(speed)-
गेमिंग लेप टॉप  मे प्रोसेसर स्पीड अधिक होती है और ये लगभग 5 सेकंड के समय मे बूट हो जाता है । । यह गति गेमिंग के लिए आवश्यक प्रोसेसर के कारण है। ऑफिस मीटींग या प्रेजेंटेशन के दौरान ये फीचर बहुत उपयोगी सिद्ध होता है

 गेमिंग कंप्यूटर नियमित कंप्यूटर की तुलना में एक बार में अधिक जानकारी संभाल सकते हैं । वीडियो संपादन के लिये यह विशेष रूप से अच्छा है ।

2. उपयोग में आसानी- एक गेमिंग कंप्यूटर पर
Microsoft ऑफिस, वेब ब्राउसर,ई-मेल सॉफ्टवेयर ,सभी तरह के सॉफ्टवेयर आसानी से चलते है । यह एक विंडोज  लैपटॉप की तरह ही काम करते है।!

3. उच्च गुणवत्ता के पार्ट्स-
चूँकि गेमिंग कंप्यूटर गेमिंग के लिए बनाए जाते हैं
, उनमे हाई एंड  गेम व ग्राफिक्स  को संभालने की क्षमता होती है । इस के अंदर के पार्ट्स  उच्च गुणवत्ता के होते है जो एक बेहतर विडियो, बेहतर ओडियो, अधिक मेमोरी और अधिक कुशल प्रोसेसर के साथ  बैटरी पावर का उपयोग करते हैं।इसीलिये इनमे   हार्डवेयर और प्रोसेसर सम्बंधी  समस्याएं कम होंगी।

4. गेमिंग कंप्यूटर टिकाउ(
long lasting) होते है और  लंबे समय तक चलते है-
गेमिंग लैपटॉप आज के नहीं बल्कि कल के कंप्यूटर प्रोग्राम और गेम्स के लिए बनाए गए हैं।अत: ये जल्दी आउटडेटेड नहीं होगा।
गेमिंग कंप्यूटर और नियमित लैपटॉप की तकनीक मे व्यापक अंतर है।

 5. बहु उपयोगी(versatile)

गेमिंग कंप्यूटर नियमित पीसी की तुलना में अधिक आसानी से अपडेट  होने में सक्षम हैं।  बस इसके पार्ट्स या कम्पोनेंट बदलने की  आवश्यकता होगी।
वैसे भी
, अगर आपके पास एक गेमिंग लैपटॉप है जो पांच साल पुराना है और आपको लगता है कि इसे उपग्रेड किया जाना चाहिये , तो आपको बस इसे कंप्यूटर स्टोर पर ले जा कर  और मौजूदा पार्ट को रिप्लेस(हिस्से को बदलने)  करना होगा । इस प्रकार,  पूरी तरह से नया कंप्यूटर खरीदने की तुलना में पैसे और समय की बचत होती है।

महंगे गेमिंग लेपटॉप – अधिक कीमत का औचित्य क्या ?
 

हर कोई गेमिंग लैपटॉप नहीं खरीदता है । कारण ?

गेमिंग लैपटॉप महंगे होते है ।  किसी भी चीज़ की उच्च कीमत को तर्कसंगत बनाना मुश्किल है ।औसतन, लोग हर चार साल में नए लैपटॉप खरीदते हैं। एक गेमिंग लैपटॉप इस से दोगुने समय के लिये चल जाता है  क्योंकि इसमे एडवांस (नई ) तकनीक का उपयोग किया गया है । इसे बार बार  अपग्रेड नही करना की आवश्यकता है ।
अत: अंत मे   यह कहना उचित होगा कि  गेमिग लेप टॉप  का ऑफिस कार्यो मे आसानी से उपयोग किया जा सकता है । ये ना केवल शक्तिशाली प्रोसेसर स्पीड के साथ काम करते है बल्कि कीफायती भी  सिद्ध होते है।

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अस्वीकरण: "sanhitaweb.com" वेब साइट पर दी गयी  जानकारी विभिन्न स्त्रोतो से संकलित  कर पाठको के लिये सरल शब्दो मे प्रस्तुत की गयी है। तथ्य एवं आकडो(Facts and Figures)  की जानकारियां पूर्ण सावधानी से सन्कलित की गयी है। तथापि पाठक वर्तमान, वास्तविक जानकारी हेतु सम्बंधित अधिकारिक वेब साइट से सत्यापित करना सुनिश्चित करें। )

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मंगलवार, 4 अगस्त 2020

Decode the Credit card Number/क्रेडिट कार्ड नम्बर कोड को जानिये -


आइये आज Credit card पर लिखे नम्बर के बारे मे जाने

 हम सभी यह जानते है कि क्रेडिट कार्ड के उपर 16 अंको का  नंबर लिखा होता है जो चार चार अंको के सेट मे लिखा जाता है क्या आप जानते है कि Credit card के इस नम्बर का उपयोग क्रेडिट कार्ड जारीकर्ता और खाता धारक दोनों की पहचान करने के लिए किया जाता है।

सबसे पहले Credit card की जानकारी-






एक क्रेडिट कार्ड क्या होता है और इसको किस तरह से उपयोग मे लाते है ?

क्रेडिट कार्ड के विषय मे आप सभी जानते ही है कि यह एक बैंक या वित्तीय कंपनी द्वारा जारी किया गया प्लास्टिक का बना एक पतला आयताकार कार्ड होता है,जिसका उपयोग कार्डधारकों को धन उधार लेने, वस्तुओं और सेवाओं के लिए भुगतान करने के लिये किया जाता है क्रेडिट कार्ड धारक भुगतान की गयी राशि को बाद मे ब्याज के साथ एवं अन्य कोई शुल्क लागू हो तो उसके साथ  बैंक या जारी करने वाले कम्पनी को लौटाता  है  

Credit card के उपर लिखा हुआ नम्बर एक कोड होता है। इसको और विस्तार से समझे तो  क्रेडिट कार्ड नंबर अमेरिकी राष्ट्रीय मानक संस्थान )ASNI) की एक प्रणाली का उपयोग करके बनाए गए हैं। ये नम्बर जारीकर्ता कम्पनी , नेटवर्क, खाते की पहचान करने और चोरी और धोखाधड़ी को रोकने के प्रयास में, पूरी संख्या को मान्य करने के लिए एक कोड  हैं।
एक क्रेडिट कार्ड नम्बर मुख्यत: निम्न तीन बाते दर्शाता है - 
1.    Information about the card issuer  कार्ड जारी करने वाले के बारे में जानकारी
2.    Your account information  आपके खाते की जानकारी
3.    A check digit  एक चेक अंक

अत: यह जान ले कि   क्रेडिट कार्ड कंपनियों द्वारा कार्ड पर  कोइ भी रेंडम नम्बर डाल दिया जाय  ऐसा नही होता है प्रत्येक क्रेडिट कार्ड पर एक 16 अंको से बनी संख्याओं का एक यूनिक नम्बर  होता है।

आइये इस 16 अंको के क्रेडिट कार्ड नम्वर की कोडिंग प्रणाली को समझे-


पहला अंक
The First Number

पहला अंक सिस्टम नम्बर/इंडस्ट्रीनम्बर(system number/ Industry Numbers) या कोड कहलाता है ।पहले छह नंबर का उपयोग उद्योग और / या क्रेडिट कार्ड जारीकर्ता की पहचान करने के लिए किया जाता है। और पहले अंक को प्रमुख उद्योग पहचानकर्ता the Major Industry Identifier (MII) के रूप में जाना जाता है। यहाँ कुछ लोकप्रिय MII हैं और वे क्या दर्शाते हैं:
Credit Card Industry Numbers( कार्ड नम्बर का पहला अंक और उससे सम्बंधित इंडस्ट्री कोड)
1Airline
2Some Mastercard accounts since 2017
3American Express and Diners Club
4Visa
5Mastercard
6Discover 
7Petroleum
8Telecommunications
9Government







 अगले 5 अंक The Next 5 Numbers
इन्हें कार्ड के जारीकर्ता पहचान संख्या (IIN), या बैंक पहचान संख्या (BIN) के रूप में संदर्भित किया जाता है, और आगे यह इंगित करता है कि यह किस क्रेडिट कार्ड कंपनी से उत्पन्न हुआ है और किस कार्ड नेटवर्क से संबंधित है।  
इंटरनेट पर विभिन्न वेब साइटे उपलब्ध है , जहां क्रेडिट कार्ड के पहले 6 अंक डाल कर आप अपने कार्ड की समस्त जानकारी प्राप्त कर सकते है   
जैसे-
https://www.bincheck.io/#results

अगल 7 -15  अंक  The Next 7-15 Numbers

कार्ड नंबर में सातवें और शेष सभी अंक, अंतिम को छोड़कर, उस कार्ड के व्यक्तिगत खाते की पहचान करते हैं।  खाते की संख्या नौ या 12 अंकों के बराबर हो सकती है।.

अंतिम अंक  Last Number 
क्रेडिट कार्ड नंबर के अंतिम अंक को चेक नम्बर के रूप में जाना जाता है। यह नम्बर निर्धारित करता है कि  क्या क्रेडिट कार्ड वास्तव में वैध है। अंतिम अंक (चेक अंक) की गणना लुहान एल्गोरिथम Luhn एल्गोरिथ्म के आधार पर की जाती है। (Luhn Algorithm पर अधिक जानकारी के लिये यहां क्लिक करे) https://en.wikipedia.org/wiki/Luhn_algorithm

कार्ड के पीछे Back of the card 
 आइये अब जाने कि क्रेडिट कर्ड के पिछले भाग मे क्या क्या नम्बर होते है




1.
होलोग्राम: होलोग्राम कार्ड के आगे या पीछे हो सकता है। वीज़ा कार्ड मे कबूतर का एक 3 डी होलोग्राम बना होता है  मास्टरकार्ड पर   3D विश्व मानचित्र होलोग्राम शब्द "मास्टरकार्ड" पृष्ठभूमि में कई बार छपा होता है।

2.
चुंबकीय पट्टी Magnetic Stripe : कार्ड के उपरी भाग मे गहरे भूरे रंग की एक सीधी  चुंबकीय पट्टी होती है

3.
हस्ताक्षर पैनल: यह एक एक सफेद रंग की पट्टी होती है जिस पर  कार्डधारक के हस्ताक्षर होते है कार्ड धारक को हस्ताक्षर करना आवश्यक है नियमानुसार  अहस्ताक्षरित क्रेडिट कार्ड  स्वीकार नही किये जाते है  

4.सुरक्षा कोड Card Verification Value (CVV या सत्यापन कोड)-  यह कार्ड के पीछे हस्ताक्षर पैनल के दाईं ओर कभी-कभी एक सफेद बॉक्स में  कार्ड पर मुद्रित अंतिम 3 या 4 नंबर से बना  ( वीज़ा और मास्टरकार्ड दोनों क्रेडिट कार्ड पर)  सुरक्षा कोड (CVV या सत्यापन कोड ) होता है।  
जब लेनदेन फोन या ऑनलाइन द्वारा किया जाता है सुरक्षा कोड (CVV या सत्यापन कोड) का उपयोग कार्डधारक की प्रामाणिकता की पुष्टि करने के लिए किया जाता है
प्रत्येक कार्ड के लिए अलग कोड नम्बर होता है  और क्योकि यह नम्बर मेग्नेटिक स्ट्रिप (चुंबकीय पट्टी ) पर  नहीं लिखा होता है, जालसाज़ो द्वारा  इस डेटा को प्राप्त करना असम्भव होता है  यह केवल उस व्यक्ति द्वारा देखा जा सकता है जिसके पास कार्ड है।

कुछ रोचक  बातें – 
·         
  •          सबसे पहला क्रेडिट कार्ड सन 1946 मे शुरु किया गया

  • क्रेडिट या डेबिट?
बैंक द्वारा जारी किये गये कार्ड  डेबिट या क्रेडिट दो प्रकार के हो सकते  है। उनके बीच मुख्य अंतर यह है कि खाते में पैसा किसका है : बैंक या ग्राहक का।डेबिट कार्ड द्वारा ग्राहकों को बैंक  मे जमा अपने स्वयम के रुपयो से खरीदी की सुविधा दी जाती है क्रेडिट कार्ड उपभोक्ताओं को कार्ड जारीकर्ता बैंक से आइटम खरीदने या नकद निकालने के लिए एक निश्चित सीमा तक पैसे उधार लेने की अनुमति देते हैं।
 क्रेडिट कार्ड अक्सर डेबिट कार्ड के अलावा जारी किए जाते हैं। महत्वपूर्ण बात ये है कि बैंक को आपकी अनुमति के बिना क्रेडिट कार्ड जारी करने का कोइ अधिकार नही है ।
  
  • ·        क्रेडिट कार्ड का साइज़ आकार –
सभी क्रेडीट कार्ड समान आकार और साइज़ के होते है ये ISO7810 स्टेंडर्ड के अनुरूप बनाए जाते है।

  • ·        सुरक्षा फीचर
UV light (यूवी लाइट ) में  बैंक कार्ड - बहुत कम लोग जानते हैं कि क्रेडिट कार्ड मे सुरक्षा फीचर भी होता है  VISA कार्ड को यूवी लाइट मे देखने पर  वॉटरमार्क के साथ एक "V" दिखाई देगा  मास्टरकार्ड को यूवी लाइट मे देखने पर पर वॉटरमार्क के साथ में "M" और "C" दिखाइ देते है  और अमेरिकन एक्सप्रेस पर एक ईगल दिखाई देता  हैं।

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*Images Courtesy pixabay

( अस्वीकरण: इस लेख मे दी गयी जानकारी एवं "sanhitaweb.com" वेब साइट पर दी गयी  जानकारी विभिन्न स्त्रोतो से संकलित  कर पाठको के लिये सरल शब्दो मे प्रस्तुत की गयी है। तथ्य एवं आकडो(Facts and Figures)  की जानकारियां पूर्ण सावधानी से सन्कलित की गयी है। तथापि पाठक वर्तमान, वास्तविक जानकारी हेतु सम्बंधित अधिकारिक वेब साइट से सत्यापित करना सुनिश्चित करें। )